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Hymn No. 1443 | Date: 14-Dec-1999
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क्या बताऊँ, क्या होता है, जब तेरा दीदार होता है।
क्या बताऊँ, क्या होता है, जब तेरा दीदार होता है।
जो सोचा न था वो भी होता है, जब दिल डूबता है तुझमें।
बिलकुल किसी का ख्याल ना रहता है, जब तू पास होता है।
आहत मन पा जाता है राहत, प्रभुजी देखके तेरे प्यार को।
खिल उठता है दिल मेरा जब पाता हूँ खुदको तेरी महफिल में।
नशा किये बगैर होता है, जब तू पिलाये नजरों से तेरी।
थिरक उठता है भीड़ भरी सड़कों पे मगन होने पे तुझमें।
तुझको क्या कहूँ, भले तू जाने कितना भी कुछ।
सचमुच रह ना पाऊँ, पल भर को अब तेरे सिवाय।
सजा दे दे तू चाहे कोई भी, मजा आयेगा जो मिले हाथें से तेरे।


- डॉ.संतोष सिंह