VIEW HYMN

Hymn No. 1445 | Date: 15-Dec-1999
Text Size
ऐ यार तरस रहा है दिल मेरा तेरे प्यार के वास्ते।
ऐ यार तरस रहा है दिल मेरा तेरे प्यार के वास्ते।
माना कि तूने की है बहुत कृपा, फिर भी प्यास ना बुझी दिल की।
चाहा है साथ तेरा पल – पल, आश संजोये हुये मन में मिलन की।
ज्यों – ज्यों घड़ियाँ बीत रही है इंतजार की, व्याकुल हो उठता है दिल मेरा।
कबूल करने में ना है कोई हिचक, यह आम हो गया, मैं हूँ दिवाना।
अंजाम चाहे जो भी हो मेरा, परिणाम की परवाह ना है हम मस्तानों को।
निकले है हम आँखों पे पट्टी बाँधके, प्यार में तेरे खुद को सौंपके।
जलजला होगा इतना जो आयेगा राहे प्यार में वो बदल जायेगा प्यार में।
रुकेगा हर कोई, रोके रोक ना सकेगा कोई हमें, होगा प्यार का इतना जोर।
आज कर रहा हूँ इंतजार, भले, पर मिलन होगा आज ही हमारा यह है ललना प्यार।


- डॉ.संतोष सिंह