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Hymn No. 1452 | Date: 17-Dec-1999
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रोको ना मुझे, टोको ना मुझे, मैं तो हुआ दीवाना प्रभु प्रेम का।
रोको ना मुझे, टोको ना मुझे, मैं तो हुआ दीवाना प्रभु प्रेम का।
रह न पाऊँ बस में खुदके, थिरकता फिरूँ जग में, चंदा ऐसा रंग तेरे प्रेम का
कुछ ना मुझे, कब क्या कर बैठे मुझको ना है पता, जो पिया तेरे प्रेम का प्याला
हालत हो गयी है मेरी पतली, जिधर निकलूँ उधर पा जाऊँ मैं तुझको।
रातों को देखा करता था ख्वाब, अब तो नजर आने लगे है चलते फिरते।
हर बात जो होती है मेरे साथ, जानुँ तो जाने सब कुछ फिर भी दिल कहना चाहे।
मत रखा कर निश्चित समय मिलने का, मिल लिया कर तू दिल के कहने पे।
सह जाउँगा सब, सह न पाऊँगा, अब तेरे – मेरे बीच की दूरी को।
बता दे इक् बार क्या करना पड़ेगा हमको, तेरे दामन में बस जाने के लिये।
दे दे कोई आशीष ऐसा हो जाऊँ में पागल तेरे प्रेम के वास्ते।


- डॉ.संतोष सिंह