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Hymn No. 1467 | Date: 23-Dec-1999
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दीवाना मैं तेरे प्यार का, भूल चला खुदको तेरे प्यार की दीवानगी में।
दीवाना मैं तेरे प्यार का, भूल चला खुदको तेरे प्यार की दीवानगी में।
देख तेरे प्यार की बानगी, अपने तो अपने दुश्मनों को हल सूनानें चला दिल का।
तरसाना तू बहुत, तरस न खाना मुझपे चाहे बेमुरव्वत मेंत हो तेरे पीछे।
कायम करेंगे राहें प्यार में कोई नई मिसाल बस तू प्यार बरसाते जाना।
मलाल कैसे करूँ किस बात का जब दिल हो दीवाना हर पल तेरे प्यार का।
लगाम लगाने को तू ना कहना, बेलगाम हो चुका है प्यार मेरा देखके तुझे।
सर – आँखों पे बैठ चुका है तू मेंरे, अब बिठाना है दिल में तुझे।
किल्लत है बहुत कुछ की, पर तेरे वास्ते ना है किल्लत किसी बात की।
सारी – सारी रात गुजरे बेचैनी में, बेचैन मन को आयेगा चैंन जर आयेगा तूझे।
होश में ना रहना है मुझे, होश खोता जा रहा हूँ प्यार में जो तेरे।


- डॉ.संतोष सिंह