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Hymn No. 1473 | Date: 25-Dec-1999
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ना तू कुछ पूछ हमसे, जो करता है वो किये जा।
ना तू कुछ पूछ हमसे, जो करता है वो किये जा।
जो भी होगा हाल हमारा, उसमें सिखा दें खुश रहना।
दिल पे असर हो तेरे प्यार का, ना किसी और बात की।
बीतते हुये देखा है, इस जहाँ में अच्छे, बुरे सभी को।
मेरा कोई ना कुछ कर सकता है यार सिर्फ तेरे सिवाय।
ना मैं तुझसे कभी हुआ था अलग, ना ही कोई कर पायेगा।
ललकार के कहता हें प्यार मेरा, आत्म सूर्य चमकता है रात – दिन।
आज तन – मन की बदली छायी हुयी है, पर मिटना है तम इसका।
तेरे आशीष से बोध होंगा हमको अपने निज स्वरूप का।
हर भेद मिट जायेगा जब आत्म का मिलन होंगा परमात्मा में।


- डॉ.संतोष सिंह