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Hymn No. 1475 | Date: 25-Dec-1999
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हलचल मची रहती है दिल में हर पल लेके तुझे।
हलचल मची रहती है दिल में हर पल लेके तुझे।
सम्भाले नहीं सम्भलता मन मेरा झूमे याद कर करके तुझे।
अनोखा है तेरे प्यार करने का अंदाज जो खेलता है हमसे।
गर तू है खुश इसमें तो समझ ले हमारी खुशी है तुझसे।
राहे प्यार पे मिटने को हूँ तैयार तेरे प्यार को पाने के वास्ते।
काट दूँगा सारी जिंदगी इंतजार में तेरे प्यार को पाने के वास्ते।
साथी मिट जायेगे मेरे सारे, ऐब जो धूल गया तेरे प्यार में।
कर दे तू मेरे ख्वाबों को सच, जोड़ ले मुझको तेरे साथ।
पालूँगा ना मैं कुछ और मन के भीतर जो पा लिया तुझको।
कुछ भी कर जाने की है तैयारी, जो मिल जाये प्यार तेरा।


- डॉ.संतोष सिंह