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Hymn No. 1478 | Date: 26-Dec-1999
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बैरी बना गर् कोई तेरे – मेरे बीच तो कर देना तू अंत उसका।
बैरी बना गर् कोई तेरे – मेरे बीच तो कर देना तू अंत उसका।
ना सोचना है वो कौन मेरा, मन रहे या कोई भी कितना प्रिय हो।
अगर तेरे – मेरे प्यार की राह में देंनी पड़ी मुझको बली मेरी – तो देके पाऊँगा तुझे।
सूर – सरगम तुझको सुनाने के वास्ते, बनाऊँगा साज दिल के तार से।
तू टाल ना सकेगा मेरी किसी बात को, मजबूर कर दूँगा तुझे प्यार में।
कितना भी चला जायेगा तू दूर मुझसे, यादों के बाण चलाके घेर लूँगा तुझे।
फरियाद ना करुँगा, पर तेरे दिल को जीतने वास्ते अपनाऊँगा हर तौंर – तरीको।
तू सीधे से ना मिला तो सजाउँढगा ख्वाबों के हर टुकडे को तेरी छवी से।
सुबह हो या शाम, खाते – पीते, उठते – बैठते हर पल छेडूँगा कोई ना कोई नया तराना।
हम तो हो चुके है दीवाने तेरे, झुमाये बिना ना छोडूँगा तुझे प्यार की मस्ती में।


- डॉ.संतोष सिंह