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Hymn No. 1481 | Date: 28-Dec-1999
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प्रभु करनी होंगी तुझे मेरी हर बात पूरी, मैं तो हो चला तेरा।
प्रभु करनी होंगी तुझे मेरी हर बात पूरी, मैं तो हो चला तेरा।
साँस कुछ ना है पास मेरे, तेरा हो जाने वास्ते बैठा हूँ दर पे तेरे।
उबर जान चाहता हूँ अपनी अभिशप्त कामनाओं से, निखर जाये दिल तेरे वास्ते।
अब ना है कोई और तमन्ना, किसी और राह पे जाने वास्ते, मै हो चुका हूँ दीवाना।
मन का हर फेर निकल गया, वो तो विकल हो चुका है तेरा बनने वास्ते।
झिझका करता था पहले कैसे होगा सब, अब निश्चिंत हो चुका है प्यार में तेरे।
पाने – खोने का महत्त्व मिटता जा रहा है, तेरे प्यार में मन मेरा गुम हो गया है।
क्या – क्या होता है कहना मुश्किल है, ये तू पूछ क्या नहीं होता तेरे प्यार में।
इतना तू जान ले रहूँ मैं अब किधर भी, पर रहता है मन इर्द - गिर्द तेरे।
हूँ मैं जहॉं के वास्ते मर्द, पर जब से भरी सिंदूरियाँ प्यार की तेरे, वो भी ना रहा।


- डॉ.संतोष सिंह