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Hymn No. 1490 | Date: 31-Dec-1999
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शुरू हो चुका है प्यार का दौर, कयामत भी जाय शरमा हाल होगा ये।
शुरू हो चुका है प्यार का दौर, कयामत भी जाय शरमा हाल होगा ये।
बेहाल कीतना भी हो तन, दिल तो मशगूल रहेगा यार के संग।
नाकाबिल थें हम प्यार के, यार चूर रहेगा प्यार में हमारे।
हर नकाब उतार फेंकूँगा, दिल के पास दिल के सिवाय कोई और ना होगा।
मिट जायेंगे हम प्यार में इतना, मिटाने वास्ते प्यार में कुछ और ना होगा।
कसम से सनम प्यार के दौर में मुरव्वत ना रखूँगा प्यार करने से तुझे।
शरमा जायेगा जगत सारा, बेशर्म बनके करेंगे प्यार हम तुझसे।
काबिल गौर होगा नाकाबिल के प्यार के दौर में प्यार पे प्यार का जश्न होंगा।
आखिरी दौर है प्यार का, यार सँवारना सेज को बहुत ही प्यार से।
मेरे ताबूत में ना कुछ सबूत बचेगा, जब प्यार – प्यार के दामन में हो जायेगा एक।


- डॉ.संतोष सिंह