VIEW HYMN

Hymn No. 1492 | Date: 31-Dec-1999
Text Size
प्रभु प्यारे तुम हो हमारे, आओ मिलके गाये कोई गीत नया।
प्रभु प्यारे तुम हो हमारे, आओ मिलके गाये कोई गीत नया।
समधुर है तेरी वाणी, करेगी बरसात प्यार की हमपे।
निखरेगे उसमें से हम ऐंसे, अखरेगा ना किसी के दिल को।
सीख जायेगे महकना भीना – भीना, प्यार रस में तरबतर होके।
जिधर जायेगे प्यार का संदेश लेके गायेगे गीत तेरा।
होके कुछ ना होगा अपना, जो कुछ भी होगा – होगा तेरा।
अंत होगा प्यार में तेरे – मेरे बीच के सारे भेदों को मिटा के।
गायेगा तू, सुनेंगे डूबके हम, खुदी में, जुदा होंगे ना कभी।
सुध ना रहेगी किसी बात की, बुत बने बैठे रहेगे।
बाहर – भीतर एक होगा, चारो ओर प्यार ही प्यार का हिलौर होगा।


- डॉ.संतोष सिंह