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Hymn No. 1493 | Date: 01-Jan-2000
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सदी की शुरूआत हो प्रभु के दीदार के साथ, प्रभु वाह क्या बात है।
सदी की शुरूआत हो प्रभु के दीदार के साथ, प्रभु वाह क्या बात है।
हर पल तन – मन ओत – प्रोत रहे उसके होने के, प्रभु वाह क्या बात है।
चलता रहे खच – पच बाहर, दिल डूबा रहे प्रीत में, प्रभु वाह क्या बात है।
जीवन में सुख – दूख से भरे क्षण आते जाये पर मन में हो बस तू, प्रभु वाह क्या बात है।
हँसे चाहे जग देखके हमको – हम मुस्कुरायें तेरे प्यार का अहसास करके, प्रभु वाह क्या बात है।
रेलमपेल मची हो कितनी भी जीवन में अंतर में विराजे शांति, प्रभु वाह क्या बात है।
लोक लाज से परें डूबे हों नख से शिख तक प्यार में तेरे, प्रभु वाह क्या बात है।
कुछ भी घटे जीवन में तेरे कारण से, चाहे समझ मेरी जाती रहे, प्रभु वाह क्या बात है।
प्यार में मरना जन्मना सब है हमको कबूल पर हो तेरी मर्जी से, प्रभु वाह क्या बात है।
मिट जाये मेरा मैं, तेरे अथाह, अमिट, अकाल प्रेम सागर में, प्रभु वाह क्या बात है।


- डॉ.संतोष सिंह