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Hymn No. 1498 | Date: 05-Jan-2000
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जालिम लेनी है जो तो ले ले, पर तड़पा न हमको प्यार में तेरे।
जालिम लेनी है जो तो ले ले, पर तड़पा न हमको प्यार में तेरे।
तसव्वूर ना मिलता है दिल को, लंबे से लंबा समय बदल जाता है पल में।
ऐसी गत क्यों कर रहा है मेरी, कौंन सी थी खता जो दी तूने इतनी कड़ी सजा।
रजा तेरे दिल की क्या है तू आज बता दे, जान देके पुरी करनी पड़ेगी कर दिखायेंगे।
अंदाज तू मत लें मेरे प्यार का, थाह लेने के चक्कर में कहीं डूब न जाये तू।
जोशो – खरोश ना हुआ है कम, जो था शुरूआत में कायम आज भी उतना।
जीतने निकला हूँ राहे प्यार पे, बिन जीतें छोडूँगा नहीं पीछा तेरा।
किया होगा कई बार वादा खिलाफी, अबकी करुँगा इतना ज्यादा, ना करुँगा कोई और वादा।
प्यादा मैं तेरा बहुत पुराना, करवा ले कितनी भी कवायद कभी ना करुँगा अदावत।
मत खेल अब तू भी खेल जुदाई का, कर लिया कर मुलाकात यूँ ही हमसे।


- डॉ.संतोष सिंह