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Hymn No. 1510 | Date: 10-Jan-2000
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दिल में उमड़े – घुमड़े प्यार का ज्वार, तुझे अपना बनाने के वास्ते।
दिल में उमड़े – घुमड़े प्यार का ज्वार, तुझे अपना बनाने के वास्ते।
मन रहता है हर पल बेकरार संग तेरे रहने के वास्ते।
इंतजार में रहता हूँ कब कैसे भी करके मिल जाये मिलने को उससे तुझसे।
ख्वाबों में आये तू मेरे, और प्रभु कोई नहीं।
दिल भी धड़के जब – जब तो हो संग प्रियतम् तेरे नाम का।
जाम पीता चला जाऊँ नशा छाये सिर्फ प्रियतम् तेरे प्यार का।
बयार बहे जब – जब याद आये सिर्फ प्रियतम तेरे प्यार का।
नागवारी मिट जाये मेरी, डूब जाऊँ प्रियतम तेरे प्यार में जो।
कहना सुनना कुछ ना रहे, मौन हो जाऊँ प्रियतम जो तुझमें।
इंतजार की घड़ियाँ काट दूँगा, प्यार भरे गीत – गीत लिख – लिखके तुझे।


- डॉ.संतोष सिंह