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Hymn No. 1528 | Date: 23-Jan-2000
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प्रभु तू अगर है प्यार का समंदर तो बन जाने दे प्यार की बूँद हमको।
प्रभु तू अगर है प्यार का समंदर तो बन जाने दे प्यार की बूँद हमको।
प्रभु तू अगर है शक्ति का दरिया तो बन जाने दे शक्ति का कण हमको।
प्रभु तू अगर है अनहद नाद तो बन जाने दे गूँज हमको।
प्रभु तू अगर है राजा तो बन जाने दे तेरा खड़ाऊ हमको।
प्रभु तू अगर है ज्ञान का स्त्रोत तो बन जाने दे शब्द हमको।
प्रभु तू अगर है अनंत आकाश तो बन जाने दे सीतारा हमको।
प्रभु तू अगर है रोशनी का दरिया तो बन जाने दे रश्मि हमको।
तुझसे प्रथक दिल को ना है कुछ स्वीकार, तैयार हूँ चुकाने को हर कीमत।
कमजोर आज हूं कितना भी, तेरा प्यार पाके करुँगा तेरे बतायें हर कार्य को।
छोटा हो या बढ़ा मुझे सब कुछ है मंजूर तेरे साथ रहने के लिये।


- डॉ.संतोष सिंह