My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 149 | Date: 11-Apr-1998
Text Size
दो से एक है, एक से दो;
दो से एक है, एक से दो;
मन के भेद से वह अनेक है ।
मन मिट जाय तो वह एक है ।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
हम सब का तुं है नाथ, अनाथों का भी तू है नाथ ;
Next
सच – सच कहता हूँ यार, प्यार करना मैंने सीखा तुझसे ;
*
*