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Hymn No. 1539 | Date: 29-Jan-2000
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ऐ दिल क्यों रहता है, भूला – भूला तुझे।
ऐ दिल क्यों रहता है, भूला – भूला तुझे।
भूल – भूलके याद क्यों करता है तुझे।
समझते हुये समझ नहीं पाता, तू क्यों ना समझाये।
कहते है आकारण ना है कुछ संसार में।
क्या बात है, जो तेरे पास रहके प्यासा हूँ मैं ।
बेनाम सी जिंदगी कर दी नाम प्रभु तेरे।
क्यों नहीं हुआ अब तक नशा प्यार का जाम पीने का।
कब आयेगा काम निरर्थक तन तेरे।
मायने बदल गया जीवन का, जब से मिला हूँ तुझसे।
मेरे हर सयानेपन को निकल जाने दे तेरे वास्ते।


- डॉ.संतोष सिंह