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Hymn No. 1564 | Date: 10-Feb-2000
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प्यार की घड़ी में प्यार की बात आने दे दिल में।
प्यार की घड़ी में प्यार की बात आने दे दिल में।
अंखियों के आये जो आँसू गा उठेगा दिल बिछोह का गीत।
समझा लूँगा अपने आपको, समझना मुश्किल है दिल को।
बिलकूल मानता नहीं, ढुंढ़े बहाना हर पल रहने को संग तेरे।
रोम – रोम करता है इंतजार तेरा, तुझसे मिलने के वास्ते।
आस्ते – आस्ते काट रहा हूँ तेरे – मेरे बीच की दूरियों को।
दुआ हम करेंगे, कृपा तू करना तुझसे मिलन के वास्ते।
बड़ी अजीब है कशिश मेरी, खींचना चाहके खींच न पायें तुझे।
तू ही बता कब तक चलेगा प्यार का खेल ये तेरा।
आजमाना तू कितना भी, रूकने ना देना राह के बीच में।


- डॉ.संतोष सिंह