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Hymn No. 1576 | Date: 20-Feb-2000
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यार मेरे खेलते हो तुम माया का खेल रखके हमको तन के जेल में।
यार मेरे खेलते हो तुम माया का खेल रखके हमको तन के जेल में।
भला हो तेरा, भला तेरी दुनिया का, फिदा है हम तेरे इस भोलेपन पे।
सजा दी है कर्मों के नाम पे, हम भी करेंगे कबूल हँसते – हँसते प्यार के नाम पे।
आज हँसता है तू हँस ले, हँसने का जो मौका दिया हमने।
बेखुदी में थे जो कहा हुआ तेरा मानके अंजाम दे न पाये।
दोष ना था तेरा, दोष था मेरा जो जोश में आके गड़बड़ कर गया।
बड़बड़ के कुछ ना किया, हड़हढ़ाहट में कुछ ना कुछ गलत किया।
शिद्दत से था इंतजार तेरा, तेरे आने पे प्यार भी ढंग से कर ना सका।
हार हुआ हूँ, हार मानी नहीं, खुद को बदलना चाहा बदलने की ताकत नहीं।
मुलजिम को अपनाना है हाथों में तेरे, बदलकें अपना या अपनाके बदल दे।


- डॉ.संतोष सिंह