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Hymn No. 1585 | Date: 24-Feb-2000
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जान निकल जाती है जब मीठी याद आती है तेरी।
जान निकल जाती है जब मीठी याद आती है तेरी।
सचमुच इससे सुखद ना है कुछ फिर भी है सताती।
दिलबर कयास मत लगा, प्यार मेरा है खरा।
हूँ मैं बहुत ही खराब, खराबी ना है प्यार में मेरे।
भुला लूँगा जरूर पर जब भी चाहा - चाहा तुझे अट्टू।
निखट्टू हूँ मैं सबसे बड़ा, पर तेरा अटूट बनने के लिये खड़ा।
डरा हुआ रहता हूँ, पर अपनी इच्छाओं से जड़ता हूँ।
खड़कती है दिल में कई बातें, जब फँसता हूँ जंजाल में।
लाल हूँ मैं तेरा क्यों पाला पड़ता है दुनियावी माया से।
काया की परवाह नहीं, पर डरता हूँ तुझे खोने से।


- डॉ.संतोष सिंह