VIEW HYMN

Hymn No. 1589 | Date: 29-Feb-2000
Text Size
धोवनं है हम तेरे पैरों के, इसके सिवाय न चाहिये कोई और वजूद।
धोवनं है हम तेरे पैरों के, इसके सिवाय न चाहिये कोई और वजूद।
लाइकियत ना है कुछ हमारी, फिर भी रहता है पल – पल तू पास हमारे।
तेरे बताया हुआ जानके, अब तक कर ना पाया उस कार्य को अपनाके।
क्या न किया तूने हमारे वास्ते, संसार के गमों को समेटा दामन में अपने।
सपनो में जो ना सोचा था, बदल के दिखाया हमारे वास्ते तूने हकीकत में उसे।
गिनाने बैठूँ तेरी कृपा को तो कम पड़ जायेंगी संसार की सारी गिनतियाँ।
प्रभु वजूद ना है हमारा बिन् तेरे, कृपा करके रहना मौजूद सदा दिल में हमारे।
मौका देना हमको कई - कई बार, हौसला बड़ाते जाना कुछ कर दिखाने के लिये।
अगाह किया है तूने हर बार, बरबादियों के कगार से लौट आया बार-बार।
जाल बिछाया हूँ दिल का फँस जान अंजान बनके, कुछ न करके हो जाऊँगा तेरा।


- डॉ.संतोष सिंह