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Hymn No. 1602 | Date: 06-Mar-2000
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दूर बहुत दूर हूँ मैं इस समय तुझसे।
दूर बहुत दूर हूँ मैं इस समय तुझसे।
रिक्त ना होने देना मेरे मन को तेरे प्रेम से।
इस समय हो रहा है शोर – शराबा चारों ओर मेरे।
चल रही है दिल में धीमे – धीमे तेरे ख्यालों कीपवन।
रह – रहके तुझसे मुलाकात करने का कर रहा है मन।
बेबस हूँ करना पड़ता है इंतजार, मन – मारके समय के आने का।
होता है कितना भी दिल बेहाल, पर कम नहीं कर पाता तेरे मेरे बीच की दूरी को।
रह ना गया अब कुछ जरूरी, तेरे प्यार के सिवाय जिंदगी में।
तोहमत लगाऊँ कैंसे तुझपे, जब कमी हो मेरी और से।
तेरी रजा जानना चाहता हूँ, जो खत्म करेगी विरह के दौर को।


- डॉ.संतोष सिंह