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Hymn No. 1607 | Date: 17-Mar-2000
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फुटे हर दिल से नये – नये गीत तुझे जीतने के वास्ते।
फुटे हर दिल से नये – नये गीत तुझे जीतने के वास्ते।
क्या न कर डालूँ कि तू बन जाये मेरा गीत।
रह न गया मेरे जीवन में अब कुछ, जो बन गया सब कुछ तू।
रूला या हँसा तेरी मर्जी में जो आये वो खेल – खेल मेरे संग तू।
हर हाल में हो जाना चाहता हूँ तेरा, दिल में ना रहे कोई और चाहत।
मगन रहूँ तेरे प्रेम में, आहत कर ना सके कोई दिल को।
तेरे सिवाय ना बचे कोई और तमन्ना, तुझमें खो जाये इतना।
जीतने को रह न जाये कुछ, जो कुछ भी हो – हो तू मेरा।


- डॉ.संतोष सिंह