My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 157 | Date: 22-May-1998
Text Size
नहीं आना है अब हमें तेरी इन गलियो में ;
नहीं आना है अब हमें तेरी इन गलियो में ;
जहाँ आके हम भूल जाते है तुझको और खुदको ।
क्यों आये थे हम यहाँ, क्या चाहता है तू हमसे ;
ऐसी क्या हुयी खता हमसे, जो हो गये जुदा तुझसे ।
अपनी अभिशप्त इच्छाओं को क्यों है, ढोनें की मजबुर हम
क्या हमारी मजबुरीयाँ अलग करती है तुझको हमसे ।
तू क्या है, तेरी माया की छाया ।
इन बातों का कुछ नहीं फर्क पड़ता है हमपे;
हमने तो बाँध रखा है तुझको प्रेम के अटूट बंधन में ।
हमको तो अब तेरे बारे में कुछ नहीं है जानना ।
जो रिश्ता हमनें तुझसे कायम किया, उसे हर जन्म में तुझको है निभाना ।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
लेना देना लगा ही रहेगा प्रभु जब आयें है हम इस जग में ;
Next
हैरान हो जाते है हम कभी – कभी तेरी दरियादिली पे ;
*
*