My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 158 | Date: 23-May-1998
Text Size
हैरान हो जाते है हम कभी – कभी तेरी दरियादिली पे ;
हैरान हो जाते है हम कभी – कभी तेरी दरियादिली पे ;
अपने दुःखों के लिये दोष देते है तूझे, फिर भी तू करता है मदद ।
सुख में भूल जाते है तूझे, मैंने किया – मैंने किया जपते है हम;
इतना सब कुछ देखने सुनने के बाद भी माफ कर देता है तू हमें ।
तुझसे बड़ा कौन है दयालु इस जग में, जो भी दिया तूने दिया सबको ;
जिसने तुझको माना, जिसने तुझको न माना, सबको क्यों कि हिसाब से तूने दिया ।
तेरा नाम ले के करते है हम सब कुछ, दे देते है हम अपने पुरखों का नाम ;
तेरे दर पे आते हैं गिडगिडाते हुये, तुझसे ही भीख माँगते है, जग के सामने नाम अपना करते है।
तन छुटने पे अपने कर्मो की सजा से बचने के लिये नीच योनियों में जीते है ।
अपने जैसों में करते हें निवास; खुदा और खुदा के बंदो से दूर रहते है ।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
नहीं आना है अब हमें तेरी इन गलियो में ;
Next
तुझसे दूर रहना है मेरे लिये सबसे बड़ी सजा;
*
*