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Hymn No. 1614 | Date: 20-Mar-2000
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हें ऐ हें, हें ऐ हें, आयी रे आयी होली भरके रंग प्यार का।
हें ऐ हें, हें ऐ हें, आयी रे आयी होली भरके रंग प्यार का।
छूटने न पाये आज कोई, जिससे किया हो सच्चा प्यार।
करना उसपे प्यार का वार, रंग जाने दे एक जैसा।
बिखेरना रंगो का सैलाब, बह जाये मन का हर दुर्भाव।
गाना जोर – जोर से गीत फगुआ का, लेना दिल जीत बालम का।
रहने ना देना प्यार के सिवाय कोई और भाव दिल में।
तन को कहीं पीछे छोड़के, रंग जाने देना दिल को प्यार के रंग में।
रोम – रोम हो जायेगा तरबतर, जब मारेगा नयनों से पिचकारी वो।
अर्थहीन जीवन बदल जायेगा उद्देश में जब डूबेंगे उसके रंग में।
आनंद ही आनंद की फुहार होगी, जीवन के हर पल में होगा आलम मस्ती का।


- डॉ.संतोष सिंह