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Hymn No. 1623 | Date: 24-Mar-2000
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मैं पागल हो जाऊँगा, अगर तू ना मिला।
मैं पागल हो जाऊँगा, अगर तू ना मिला।
अगर ये सच है तो, देर किस बात की।
जब इस जनम् में मिलना तेरा ना है तय।
तो व्यर्थ है जीना मेरा, मौत से बेहतर ना है कुछ।
दोष देता ना हूँ तुझे, दोष तो है कर्मों का मेरे।
न जाने क्या - क्या किया था ऐसा, जिसकी वजह से है तू दूर।
कमी है कहाँ बता दे, भरसक करुँगा प्रयास वहाँ।
ना हुआ मुझसे, तो तेरी कृपा से दूर करुँगा उसे।
मत तड़पाना इतना कि सिसकना पड़े तड़प को।
मैं तो आदि हूँ भी कर हाल तू, पर मिला जा मुझे।


- डॉ.संतोष सिंह