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Hymn No. 1631 | Date: 30-Mar-2000
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कर लेने दे फिर से प्यार भरी बातें, होने लगेंगी मुलाकात सुबह – शाम।
कर लेने दे फिर से प्यार भरी बातें, होने लगेंगी मुलाकात सुबह – शाम।
गुजरेंगे बरस पल भर में, दिल को होगी ना खबर कानों – कान कुछ और की।
वो तो खोया रहेगा यार की नजरों में नजरें डालके, बजता रहे कितना भी गजर।
अगर – मगर का करे शोर कितना भी मन, जोर ना चलेगा दिल पे किसीका।
दौर चलेगा बातों का, धीरे – धीरे बातें बदल जायेगी गीतों में।
छेड़sगा वो तान, सुनके मेरा गान, फिर से जाऊँगा भूल जीने का भान।
स्वर लहरीये पे तिरता रहूँगा, हाथों में हाथ डाले नाचता फिरूँगा।
बजेंगी चारों और अनेक साज, कोई ना समझ पायेगा दिल का राज।
कहने को कहेंगे लोग बाँवरा, क्या फरक पड़ता है जब वो है साँवरा।
तरसते है चाहने को उसे सभी, आया है तरस मिटाने मेरी वो।


- डॉ.संतोष सिंह