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Hymn No. 1641 | Date: 02-Apr-2000
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प्रभु जानता हूँ मैं तू कुछ ना कुछ करता है हमारे वास्ते।
प्रभु जानता हूँ मैं तू कुछ ना कुछ करता है हमारे वास्ते।
कृतघ्न ना मुझे कहलाना, तेरा कहा हुआ करके दिखा सकूँ तुझे।
तेरी बात कहने से पहले समझ जाऊँ इशारों को तेरे।
मन में न आये कभी कोई प्रश्न चाहे कितना भी हो अगूढ।
जिस राह पे हो चलना तेरा उसे बुहारुँ हाथों से अपने।
आँखों में आये नींद ना कभी, रहूँ सेवा में तत्पर सदा तेरे।
मुझे ना सोचना – समझना औरो को, सिवाय तेरे किसी से ना जुड़ना।
और किसी से कोई वास्ता हो या ना हो, तू ही हो मेरा सब कुछ।
मुझे ना चाहिये कोई जगह बड़ी, रज बनाके रख ले चरणों में तेरे।
जैसे सेवा करूँ तेरी, उसी तत्परता से करूं भक्तो की तेरे।


- डॉ.संतोष सिंह