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Hymn No. 1681 | Date: 22-Apr-2000
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अभी बाकी है अपने होने का गुमा, पिला दे और तेरे प्यार का जाम।
अभी बाकी है अपने होने का गुमा, पिला दे और तेरे प्यार का जाम।
काम का तो था ना कभी, कम से कम तेरा नाम कर जाऊँगा राहे प्यार में।
दम ना है मुझमे इतना, लड़ झगड़के करवा लूँ तुझसे अपने मन की।
ये सच है मन ने ना दिया कभी साथ, फिर भी हमने चाहा है तेरा साथ।
कुछ ना कुछ करते आया तू हमारे वास्ते, फिर भी हम न आये रास्ते पे।
बहुत तो नहीं, पर शायद – कभी – एकाध पल को तड़प उठता है दिल तेरे वास्ते।
प्रभु मैं मानता हूँ मेरी जगह कोई और होता तो क्या न कर दिखाता तेरे वास्ते।
पर मैं भी कितना भटकता गया और रास्तों पे, देर – सवेर दौड़े – भागे तेरे पास आया।
मैं ना कहता हूँ – हूँ मैं बहुत बड़ा सुरमां, हाँ यें सच स्वीकारता हूँ सब कुछ है तेरी कृपा।
कमजोर का ना देता कोई साथ कहती है दुनिया ऐसा, तू ही बता तेरे सिवाय है कौन सामर्थ्यवान।


- डॉ.संतोष सिंह