VIEW HYMN

Hymn No. 1696 | Date: 27-Apr-2000
Text Size
कहानी जीवन की है वही पुरानी, बेरंग सी जिंदगी में, रंग है तेरे संग गुजारे गये लम्हो के
कहानी जीवन की है वही पुरानी, बेरंग सी जिंदगी में, रंग है तेरे संग गुजारे गये लम्हो के
नाम किसकी भी चंस्पा दूं तो क्या, दिल जीत नहीं पाया तो किया घरा का ना कोई है मतलब
गौर तलब तो बस तू है, तेरे सिवाय जीवन में बहुत कुछ का ना कुछ है मतलब।
बेदाग हो या दाग जब हो तेरा साथ, तब सब कुछ का रहना ना रहना है बेकार।
पुकारता है हर पल यूँ ही, विश्वास नहीं होता पुकारने पे अपनी तो कैसे बनेगी बात।
होनी होगी जो कुछ भी, तैयार हूँ सब कुछ के वास्ते, पाला पड़ा है अनहोनियों से सदा।
झेल जाऊँगा सब कुछ अब तो, ढाया है हर लम्हाँ इंतजार में सितम, उसके आगे दम नहीं दर्द में।
हँसता है अगर कोई मुझपे तो आता है मजा, चलों कुछ नहीं तो कम से कम हँसाने के तो काम आया।
जाम पीके क्या करुँगा होता नहीं नशा उसका, तेरे प्यार के सिवाय आता नहीं मजा कुछ और मैं।
दौर पे दौर गुजरता जा रहा है, आँसू भी सुखते जा रहे है आँखों में, विश्वास नहीं होता तुझसे मिलने का।


- डॉ.संतोष सिंह