VIEW HYMN

Hymn No. 166 | Date: 02-Jun-1998
Text Size
भूल जा, भूल जा तू इस जहाँ को, याद रख बस उस खुदा को ;
भूल जा, भूल जा तू इस जहाँ को, याद रख बस उस खुदा को ;
जिसने तुझको है बनाया, और इस संसार को उसने है बसाया ।
याद रख, याद रख बस खुदा को जहाँ से तू आया है
यह धरती तेरे रास्ते का एक पड़ाव भर है, वापस तुझे लौट जाना है ।
सुख दुख यह तो मन का एक भेद है, भूल जा, भूल जा तू इसे,
पल भर के लिये तू होता है दूर उस खुदा से यहीं सबसे बडा दुःख दर्द है।
याद रखना है तो बस याद रख लोगों की अच्छाइयों को ;
देख के भी भेद तूझे ना है करना, सब तो है खुदा के बंदे ;
भूल जा, भूल जा तू खुद को उस खुदा की बंदगी में, तेरे नजरों का भेद मिट जायेगा ।
याद रख, याद रख उस परम् पिता को, जिसने तुझको इतना सब कुछ दिया ;
सब कुछ भूल के तुझको अपने चरणों में बिठाया, तूझे – तुझसे मुक्त कराया ।


- डॉ.संतोष सिंह