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Hymn No. 1727 | Date: 05-May-2000
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मेरी खुशियों को ना जोड़ तू दुनिया की रंगिनियों से।
मेरी खुशियों को ना जोड़ तू दुनिया की रंगिनियों से।
लगी रहे आग जीवन में, मैं रहूँ डूबा मौज में।
करने को करूँ सब कुछ, निभाऊँ जीवन ऊसुलो को।
पर मेरा दिल रहे सराबोर तेरे प्यार के रंग में।
मिले सौंगात में जीवन के हर पहलू के क्षण।
भंग ना होने देना मेरे मन से पल भर को प्यार तेरा।
महफूज रहूँ कितना भी अगूढ करम करतें हुये।
मौजूद रहना पल के पल में यार तू मेरे दिल में।
खाक होने वास्ते चलेगा जब जनाजा मेरा।
नाच उठने देना इस खुशी में मिल गया यार का ठिकाना।


- डॉ.संतोष सिंह