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Hymn No. 1736 | Date: 08-May-2000
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रंग दे जीवन को तेरे मस्ती के रंग में, बदल जाये जीवन का ढंग।
रंग दे जीवन को तेरे मस्ती के रंग में, बदल जाये जीवन का ढंग।
भंग न करने पाये जीवन का कोई पहलू, मेरा मन हो इतना मगन तुझमें।
तेरे दिल की आस हो जाये पूरी, जो लगायी है तेरे प्यार की आग ने।
खाक होता हौ तन – मन तो ही जाने दे, प्यार का राख के सिवाय ना कुछ बचने देना।
जाये जहाँ में कहीं भी छू न पाये कोई, हो जाये मसरूफ तेरे प्यार में इतना।
है अजीब कुछ बात मेरी, तुझे ना फँसाके फँसे रहना चाहता हें दिल रहना साथ।
जानता है सब कुछ, ऐसा ना किया कुछ, फिर भी चाहता है दिल रहना साथ।
कोई अदा मैं, दिखलाना चाहता हूँ तुझे, हो जाये तू फिदा सदा के वास्ते।
हर बात दिल की रखे बगैर मन में कहना चाहता हूँ, जो मर्जी में आये वो तू कर।
मतवाला हूँ तेरे प्यार का होता रहे कुछ भी, मस्त रहना चाहूँ तेरे प्यार में।


- डॉ.संतोष सिंह