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My Divine Blessing
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Hymn No. 1776 | Date: 25-May-2000
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जमाने भर का ना पता, कहता हूँ अपने दिल की बात ।
जमाने भर का ना पता, कहता हूँ अपने दिल की बात ।
कहीं और क्या घटा, मुझे न पता पर जान ले मेरे मन का हाल।
दाल मेरी कहीं गलती नहीं तेरे सिवाय, अकेलें पलों में गुनगुनाऊँ नाम तेरा।
सुबह – शाम कई बार ढला, कब ढलूँगा प्रियतम प्यार में तेरे।
झकझोर देता है दिल को, पाके सामने तुझे हो जाता हूँ विभोर।
अगन बढ़ती जा रही हें सीने में, छुपाये छुपती नहीं आँखो से।
टपक पड़ती है बूंद बनके, धुंधला जात है छवी रहते सामने तेरे।
फेरे में अब क्या पडूंगा किसीके, फेरे पड़ चुके दिल के तेरे संग।
कोई अपना बनाये या न बनाये कोई बात नहीं, बना चुका हूँ तुझे अपना।
- डॉ.संतोष सिंह
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