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My Divine Blessing
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Hymn No. 1777 | Date: 25-May-2000
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मेरे खॉबों के मालीक, ना है देंखना अब कोई और ख्वाब।
मेरे खॉबों के मालीक, ना है देंखना अब कोई और ख्वाब।
तेरे पहलू से जुड़ा हूँ, न जाना अब किसी और के पहलू में।
होता हो कैसा भी हाल, तरस खाके न करना तू हमको जुदा।
पूरा कर दिखाऊँ तेरे सौपे गये दायित्वों को सब कुछ भुलाके।
नजरों में उभरे किसी और की छवी, दिन जाये उससे पहलें ज्योति मेरी।
तेरी देहरी पे खड़ा रहूँ, मौंकें बीतें चाहे कितने भी बरस।
तन गिरें गश खाकें कोई बात नहीं, मन रहेगा अढ़ा पास तेरे।
दास बनाके रखेंगा तू पास अपने, है नहीं विश्वास किस्मत पे अपने।
इक्-इक् शब्द है सच्चें तेरे वास्ते, निकला है जो दिल की धड़कनें से।
मोंहपाश टूट जाये सारा मेरा, बंध जाये तेरे प्रेमपाश में हम।
- डॉ.संतोष सिंह
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