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Hymn No. 174 | Date: 07-Jun-1998
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दे दे तू मुझे प्यार इतना, तोड़ दूँ मैं अपनी सारी मजबूरियों को;
दे दे तू मुझे प्यार इतना, तोड़ दूँ मैं अपनी सारी मजबूरियों को;
जीना हो तो तब तक जीऊँगा, लेता रहूँगा हर साँस पे तेरा नाम ।
मरना पड़ा तो मर जाऊँगा बिना गम किये, अंत में हो जो तू साथ मेरे ;
तेरे साथ के लिये हर पल तडपा हूँ मैं, तडपना चाहूँगा तुझे पाने के लिये।
मैं लुटाना चाहूँगा वो सब कुछ, जो तुझे पाने के लिये मुझे लुटाना पड़े,
तेरे साथ रहने के लिये सब कुछ कर गुजरने को हूँ तैयार मैं ।
तेरा इरादा क्या है मुझे नहीं पता; मैं तो जीऊँगा, हर पल तेरे नाम के संग, तू मिले या ना मिले
तेरी तसवीर देख के हो जाता है मजबूत मेरा इरादा, जीना मरना तो अब है तेरे संग
दुनिया की कोई दीवार रोक नहीं सकती, मुझको अब तेरे करीब आने से ।
तेरा आशीष मुझको चाहिये बस तुझको पाने के लिये ।


- डॉ.संतोष सिंह