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Hymn No. 1781 | Date: 27-May-2000
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तेरे प्यार जाम पीने के वास्ते दे देगे शहादत अपनी।
तेरे प्यार जाम पीने के वास्ते दे देगे शहादत अपनी।
तेरा नाम जपने के वास्ते भुलायेंगे अपने आपको उसमें।
आये कोई भी दौर जीवन में, दूर न होंगे हम कभी तुझसे।
तेरे – मेरे बीच आया गर कोई परवाह ना करेंगे अपना हो या पराया।
तेरे – मेरे प्यार का सिलसिला चलता रहेगा, मौत से भी न आयेगा फर्क।
हो जाये मुझे कुछ भी बिन् परवाह किये दरकने न दूँगा तेरे-मेरे रिश्ते को।
आस इतनी सी है तुझसे, प्रियतम् रहूँ सदा सायें में तेरे।
कृपा रखना तू सदा मुझपे, मौका पड़ने पे हो लेना कितना भी खफा।
साँस चलती है मेरी तेरी इनायत पे, दूर हुआ जो तुझसे हो जाऊँगा बेदम।
हमदम है तू मेरा चाहे कैसा भी हूँ मैं जहाँ के वास्ते।


- डॉ.संतोष सिंह