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Hymn No. 1783 | Date: 28-May-2000
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तेरे सामने जब – जब रहूंगा, ना सोचना है तब – तब कुछ मुझे।
तेरे सामने जब – जब रहूंगा, ना सोचना है तब – तब कुछ मुझे।
तू भी रहना दिल में दिलाते ख्याल, जब – जब होगा तन – मन दूर तुझसे।
सब कुछ के बिना चल जायेगा, तेरे बिना ना चल पाऊँगा इक् पल भी।
दल – दल में रहूँ या पास तेरे, तेरे सिवाय नालेना देना है कुछ मुझे।
होगी मन में बहुत सी कमियाँ, पर न है दुश्वारी प्रियतम् किसी के प्रति।
आदत लगी है बहुत सी, पर हर आदत पे भारी प्रियतम् प्यार तेरा।
निकलेगा जिस दिन जनाजा मेरा, नाचूँगा लेके तुझे बड़ी जोर – शोर से।
ऐसा कुछ भी ना है पास मेरे, जो ना दिया हुआ हो तेरा।
सच पुछो तो मन का कोना – कोना बिघा हुआ है प्यार से तेरे।
बढने न दूँगा दूरी को, तेरी कृपा से करुँगा पुरजोर कोशिश।


- डॉ.संतोष सिंह