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Hymn No. 1784 | Date: 28-May-2000
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काली नजरों वाला आया है, आँखों में भरके आँसू पास तेरे।
काली नजरों वाला आया है, आँखों में भरके आँसू पास तेरे।
करना ना तू इसका विश्वास, रहता है मन में कुछ और इसके।
प्यार करता नहीं जितना, उससे भी ज्यादा लगता है हाँक बड़ी – बड़ी।
अनजाने तेरी कृपा से पा गया, बैंठे – ठाले निकले न जाने कितने मतलब।
करता नहीं कभी कुछ, बतलाता रहता हो हर पल बहुत कुछ।
पचती नहीं पेट में कोई बात, हर पल बनाये मन में घेरा कयासों का।
केचुंल इक् – इक् करके उतार फेंकना तू इसका, करना न तू दया इसके वास्ते।
तेरी हर सजा स्वीकारूँगा दिल से, पर मंजूर नहीं दूर जाना तुझसे।
मानता हूँ खजूर हूँ मैं सबसे बड़ा, या कहो जोकर जो हंसता है अपने आप पर।
पर मेरे सारे सपने जुड़ गये है तुझसे, यूँ कह ले होश उड़ गये है मेरे।


- डॉ.संतोष सिंह