VIEW HYMN

Hymn No. 1794 | Date: 01-Jun-2000
Text Size
जो होते है अजीज, वो रहते है दिल के करीब।
जो होते है अजीज, वो रहते है दिल के करीब।
बन जाता है भक्त उनका मुरीद, निगाहों से जाम पीते – पीते।
पाते नहीं चैंन बिना उसके, मिलता है सकून पास उनके।
वास करता है मन में, अहसास दिलाये आनंद में रखके।
अजीब होते है हालात, कहना चाहते – कह नहीं पाते।
उमड़ते है अनेक भाव, बरसते है नजरों से बूंद बनके।
चुपचाप रहते है टापते चलता रहता हें उधेड़बन ख्यालों की।
मिटते नहीं मन के सवाल, पाना चाहता हूँ कैसे भी करके जवाब।
कमजोरी बदल जाती है ताकत में, तेरे प्यार की कृपा से।
हिला के रख देती है दिल की तड़प सारे जहाँ को।


- डॉ.संतोष सिंह