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Hymn No. 1796 | Date: 01-Jun-2000
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मुझे प्यार है, मुझे प्यार है, तेरा इंतजार है।
मुझे प्यार है, मुझे प्यार है, तेरा इंतजार है।
रहता है हर पल दिल बेकरार लेके तेरे प्यार को।
नया कुछ चाहते है, कैसे भी करके खोना चाहता हूँ।
आहत हो जाता, जब तेरे सामीप्य का अनुभव न कर पाता।
विरह में तेरे प्यार को याद करके तड़पता हूँ बहुत।
हर पल जहमत उठाना, जैसे लगता है तेरे होने पे।
तेरे होने पर गुरेंज न रहता दिल कुछ भी से।
मत तोड़ तू मेरे सब्र के बाँध को, आमंत्रण है दिल का।
तेरे सिवाय न हो सकता हूँ किसीका, न हूँ किसीका।
शब्द न है कुछ कहने के लिऐ मुझे प्यार है, मुझे प्यार है, मुझे प्यार है।


- डॉ.संतोष सिंह