My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 1809 | Date: 15-Jun-2000
Text Size
दिल की बात कह दूंगा सरेआम सबसे, ना रहने दूंगा कोई राज।
दिल की बात कह दूंगा सरेआम सबसे, ना रहने दूंगा कोई राज।
बाज न आऊँगा कहा करने से, अब न जाने दूँगा मौका हाथों से।
उद्घोष हो रहा है अंतर में, हार के देना पड़ेगा साथ मन को भी।
चाह ले कोई कितना भी हाथ न आऊँगा, काज वो कर दिखाऊँगा।
मेरी हाँ में हाँ न करना, तुम्हारे ना को हाँ में बदलके दिखाऊँगा।
निकला हूँ उस मंजिल पे जिसे पाये अरबों में से एक, उसे पाके दिखाऊँगा।
हैं ये अंदाज मेरे मोहब्बत का, जहाँ मौत भी न आये कभी।
बातों की बरसात न है, ऐं तो प्रण है नये दौर में जीने का।
बीते हुये की न है परवाह, आज को आज में जीता हूँ मस्ती में।
आ जायेगी मस्ती तुझे भी, मेरे प्यार की अजीबों – गरीब मस्ती देखके तुझे।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
कहना चाहे दिल बहुत कुछ, कहे बिना न रह पाये तुझसे।
Next
मेरे प्रिय को न कुछ कहो, वो तो सदा से है निराला।
*
*