My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 1816 | Date: 15-Jun-2000
Text Size
मत पूछो मुझसे कुछ, कभी – कभी कुछ सुझता नहीं तेरे प्यार में।
मत पूछो मुझसे कुछ, कभी – कभी कुछ सुझता नहीं तेरे प्यार में।
यार होता है दिल को दर्द बहुत, जब महसूस करता हूँ दूरी का।
क्या सही है या गलत ये तू ही बता मेरे मर्ज के इलाज वास्ते।
हा दर्द का मारा हूँ, पर न करता हूँ दर्द दूर करने की फरियाद तुझसे।
तेरी इक् नजर कॉफी है, मेरे मर्ज का इलाज करने के वास्ते।
पर मेरे भावो का रखना तू ख्याल, ख्वाबों में आने के वास्ते।
उसी के सहारे करुँगा मजबूर नये नये स्वरूप में तुझे देखने के वास्ते।
सही गलत की पहचान न है मुझे मैं तो मसरुफ हूँ प्यार में तेरे।
बसाये रखना चाहता हूँ दिल में जब चाहे प्रकटके बाते करूं देर तक।
मजबूर बनके तू ना देना साथ, प्यार में भूलें रहना तू अपने आपको।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
मैं दीवाना बननां चाहता हूँ, तेरा प्यार पाने के वास्ते।
Next
घटा छायी है ऐसी, जो हर लेती है मन को।
*
*