VIEW HYMN

Hymn No. 1819 | Date: 16-Jun-2000
Text Size
माना कि दोष हममें है बहुत, तेरा सिखाया हुआ भूला कई बार।
माना कि दोष हममें है बहुत, तेरा सिखाया हुआ भूला कई बार।
प्यार कि ललक होते हुये, इच्छाओं के पीछे दौड़ा बहुत बार।
पर यार जब तक रहेगी सांस, तब तक करेंगे हम तुझे प्यार।
जो कशिश अभी तक आयी न है, वो आयेगी हममें इक् दिन जरूर।
आज तक हमने रखा था तुझे दूर, इक् दिन खीच लायेंगे प्यार से।
कितना भी तू कह ले कुछ, उस कुछ को मिटाके कर दिखायेंगे सब कुछ।
रब प्यार किया है तुझसे, प्यार कि रस्म निभायेंगे आखरी दम तक।
गम इस बात का है जैसा तू चाहता है वैसा कर नहीं पाते एक दम।
फिर भी तेरे नाम के दम पे, पार कर जायेगे आखरी मुकाम को।
न चला मेरा जोर तो क्या, प्यार के जोर पे जीत जायेगे तुझको।


- डॉ.संतोष सिंह