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Hymn No. 1820 | Date: 16-Jun-2000
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दिलबर दिल को छीन लिया तूने, बता कैसे करूँ प्यार तुझसे।
दिलबर दिल को छीन लिया तूने, बता कैसे करूँ प्यार तुझसे।
मन भी मारा – मारा फिरता है आगे – पीछे तेरे तो कैंसे याद करूं तुझको।
सुध – बूध खो जाता है तो कैसे बसाऊँ ख्यालों में तुझे अपने।
ख्वाबों में खोया रहता हूँ दिन रात तेरे, तो कैसे कहूँ कोई बात।
समझ नहीं पाता अपने आपको, तो कैंसे समझाऊँ कोई बात तुझे।
हँसी आती है अपने आप पे हर हाल पे तो कैसे गम करूँ कोई।
जरूरत तेरी मुझे भी है पर रखना है ख्याल तुझे औरों का भी।
मैं दावा तो ना हूँ करता पर लगता नहीं जिया जब रहता हूँ ख्वाबो यादों में तेरे।
तू चाहे जो भी कर साथ मेरे, पर रहना तू मेरे साथ सदा।
अदा करना चाहता नहीं हूँ तेरा शुक्रियाँ, पर करवाते रहूंगा हर काज तुझसे।


- डॉ.संतोष सिंह