My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 178 | Date: 15-Jun-1998
Text Size
सबसे अलबेला तू हमारा ही नहीं सबका परमपिता है
सबसे अलबेला तू हमारा ही नहीं सबका परमपिता है
जिसने तुझको जाना, हर दीवार को तोड़के खुद को सबसे जोडा ।
जिसने जो चाहा उसको तूने वैसा ही दिया
तेरे दर से आज तक कोई नहीं गया खाली हाथ ।
अपने पुत्रों पे तूने अपना सब कुछ लुटाया;
सदियों से तेरे पुत्र जमा कर – करके लुटते रहे तुझको ।
वो ना तडपे तेरे लिये, तेरा नाम भी लिया कुछ पाने के लिये;
देखी तेरी हमने दरियादिली, अपनो से हर पल तू लुटता रहा ।
जिसने तुझसे कुछ न माँगा, उसको दुनिया की नजरों में कुछ ना देके सब कुछ दिया ।
उस दर पे माथा टेकने के लिये अमीर हो या गरीब हर धर्म के लोग पहुँचे ।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
मेरे परम् पिता तूझे पुकारता फिर रहा हूँ
Next
दिल गुनगुनाने लगता है जब नजर आती है तेरी छवि,
*
*