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Hymn No. 1829 | Date: 27-Jun-2000
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यार बहुत देखा पर न पाया तेरे से बड़ा दिल।
यार बहुत देखा पर न पाया तेरे से बड़ा दिल।
कितना भी रहूँ मुरझाया, देखते ही खिल उठा तुझे।
बेवफाई का सिला दिया बार – बार, फिर भी किया प्यार तूने।
हमारी गल्तियों को नादानी मानके टाला न जाने कितनी बार।
घाव किया दिल पे वार, फिर भी रहम में न कि तूने कमीं।
पर है ये भी सच, जब रहता है तू साथ जमी पे चलना होता है मुश्किल।
वादा खिलाफी का दौंर करुँगा खत्म, तेरे प्यार के जोर से।
नचाऊँगा मन के मयूर को तेरे आगे – पीछे, ना अब कहीं और।


- डॉ.संतोष सिंह