VIEW HYMN

Hymn No. 1854 | Date: 10-Jul-2000
Text Size
नयनों से नयना डालके लड़ा ले नैन, बेचैन मन कोमिल जायेगा चैन।
नयनों से नयना डालके लड़ा ले नैन, बेचैन मन कोमिल जायेगा चैन।
बरसाते रहते है आँसू तेरे बिछोह में, हो जायेगा कुछ देर के वास्ते शांत।
ढूंढ़ते नहीं कहाँ तुझे पल – पल में, सैंकड़ो चेहरों पे से फिसलती है नजर।
अभी बस काबिल हुआ नहीं दिल, जो हर चेहरे पे छाप तेरी पहचान ले।
तेरा कहना जायज है या न मालूम नहीं, मैं तो कहता हूँ मन की बात।
भटकता हूँ सारा दिन, बदलता हूँ करवट सारी रात, न जाने कब बनेगी बात अपनी।
मालूम है तेरी और से कमी ना है, मेरी कमियाँ ना मिटने दे रही है दूरी को।
मुझे न पढना है इस ज्ञान के चक्कर में, अंधरायाँ हुआँ है प्रेम में तेरे।
और कितना वक्त बाकी है, सॉकी तेरे नयनों में डूबने के वास्ते।


- डॉ.संतोष सिंह