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Hymn No. 182 | Date: 18-Jun-1998
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कह नहीं सकता क्या हो जायेगा तेरे वास्ते, तेरे वास्ते,
कह नहीं सकता क्या हो जायेगा तेरे वास्ते, तेरे वास्ते,
पल भर में दुनिया बदल जायेगी तेरे वास्ते, तेरे वास्ते ।
फिर मेरी क्या है हस्ती, हस्ती तू सिर्फ एक ही है;
जिसके इशारे पर चाँद और सूरज चलते है, दिन – रात ढलते हैं ।
राजाओं का राजा तू है, योगियों का योगीराज तू है,
हर पल तू इक् नई दुनिया है बसाता; एक दुनिया है मिटाता ।
ध्यानी, अंतर्यामी, बड़े – बड़े ऋषि मुनि रहते है तुझमें खोये;
तेरे चरणों में सर रखकें रहते है सोये हर पल निश्चिंत हो के ।
हर कण में तू, बसा है हर तन – मन तुझसे जुड़ा हैं
आज नहीं तो कल हम सबकी मंजिल तू ही है ;
जो भी तू चाहे वो हम करेंगे, दिन हो रात तेरा नाम लेगे, तेरे वास्ते, तेरे वास्ते ।


- डॉ.संतोष सिंह