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Hymn No. 189 | Date: 26-Jun-1998
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मुस्कुराना सीखा दें हमें, सिखा दें, सिखा दे तू हमें मुस्कुरा के जीना ।
मुस्कुराना सीखा दें हमें, सिखा दें, सिखा दे तू हमें मुस्कुरा के जीना ।
जीवन के चाहे – अनचाहे पलों में सिखा दे मुस्कुरा के जीना ।
गायेंगे गीत तेरे मस्ती में रहे या गम में भी सिखा दे मुस्कुरा के जीना ।
पसंद हो या नापसंद हर एक के साथ एकसा रहेगे सिखा दे मुस्कुरा के जीना ।
जीवन जियेगे तेरा नाम लेते हुये, खामोशी में भी गुनगुनायेंगे, सिखा दे मुस्कुरा के जीना ।
हर पल तेरे संग रहेगे, ना रहेगे पर तेरे होने का अहसास होगा सिखा दे मुस्कुरा के जीना ।
सुख – दुख से भरे दिन रात बीतेंगे, तेरी यादों में सिखा दे मुस्कुरा के जीना ।
मौन भी होगा तेरे लिये, चर्चा भी होगी तेरी, एकसाँ रहे हम तुझमें सीखा दे मुस्कुरा के जीना।
कर्म अपना करते रहे, चाहे जो परिणाम रहे, नाम लेके तेरा स्वीकार करें सिखा है
हर पल मुस्कुराऊँ, लोग हमको देखके मुस्कुराये, हम लोगों को, सिखा दे मुस्कुरा...


- डॉ.संतोष सिंह